भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
भजन कर भोले नाथ का
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
शिव शंकर भोले भले, तेरे बिगड़े काज संभाले
शिव शंकर भोले भले, तेरे बिगड़े काज संभाले
खोले क़िस्मत के ताले, तेरी हर विपदा को टाले
दुनिया में दाता नहीं, कोई नहीं, मेरे भोलेनाथ-सा
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
भोले बाबा भंडारी, भंडार भरेंगे तेरे
भोले बाबा भंडारी, भंडार भरेंगे तेरे
शंकर शम्भू त्रिपुरारी, दुःख दूर करेंगे तेरे
अरे उनसे ना कुछ भी छिपा, सब है पता
तेरे मन की बात का
के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
मेरे बाबा डमरू-वाले इस जग बगिया के माली
मेरे बाबा डमरू-वाले इस जग बगिया के माली
उनके हर खेल निराले, है लीला अजब निराली
पाया है, कोई पार ना, कोई यहाँ, मेरे भोलेनाथ का
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
भजन कर भोले नाथ का
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
शिव शंकर भोले भले, तेरे बिगड़े काज संभाले
शिव शंकर भोले भले, तेरे बिगड़े काज संभाले
खोले क़िस्मत के ताले, तेरी हर विपदा को टाले
दुनिया में दाता नहीं, कोई नहीं, मेरे भोलेनाथ-सा
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
भोले बाबा भंडारी, भंडार भरेंगे तेरे
भोले बाबा भंडारी, भंडार भरेंगे तेरे
शंकर शम्भू त्रिपुरारी, दुःख दूर करेंगे तेरे
अरे उनसे ना कुछ भी छिपा, सब है पता
तेरे मन की बात का
के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
मेरे बाबा डमरू-वाले इस जग बगिया के माली
मेरे बाबा डमरू-वाले इस जग बगिया के माली
उनके हर खेल निराले, है लीला अजब निराली
पाया है, कोई पार ना, कोई यहाँ, मेरे भोलेनाथ का
भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
के भोले भंडारी, नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे तेरा पार
कट जाए तेरे फेरे, जो जयशिव-जयशिव बोले
कट जाए तेरे फेरे, जो जयशिव-जयशिव बोले
हो जाएँ दूर अँधेरे, जो मन की आँखे खोले
अरे करता जा नादान तू, गुणगान तू
शिव भोलेनाथ का के भोले भंडारी,
नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे-बेड़ा करेंगे तेरा पार
कट जाए तेरे फेरे, जो जयशिव-जयशिव बोले
कट जाए तेरे फेरे, जो जयशिव-जयशिव बोले
हो जाएँ दूर अँधेरे, जो मन की आँखे खोले
अरे करता जा नादान तू, गुणगान तू
शिव भोलेनाथ का के भोले भंडारी,
नाथ प्रभु त्रिपुरारी बेड़ा करेंगे-बेड़ा करेंगे तेरा पार
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