Monday, February 25, 2013

ओम जय कैलाशपति प्रभु जय कैलाशपति

ओम जय कैलाशपति प्रभु जय कैलाशपति

ओम जय कैलाशपति प्रभु जय कैलाशपति
कृपा करिने अर्पो (२) सौने शुत्र मति ... 
ओम जय कैलाशपति
 
 मस्तबनी जंगल मा कायम विचरता... प्रभु कायम... (२)
मानव दानव देवो (२) तुम चरणे करता ... 
ओम जय कैलाशपति
 
 मुकुट जटानो सुंदर, शीर गंगाधार... प्रभु शीर... (२)
व्याघाम्बरना वस्त्रो (२) मावे सजनारा ... 
ओम जय कैलाशपति
 
फ़णीधरना शणगार, नंदी पर स्वारी..प्रभु नंदी... (२)
विष पचावनदारा (२) जय जय त्रिपुरारी ... 
ओम जय कैलाशपति
 
रामभक्त भई प्रेमे कायम गान करे... प्रभु कायम...(२)
पुनित चरणो सेवे (२) ते भवपार तरे ... 
ओम जय कैलाशपति

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